UN ने नारकोटिक्‍स कंट्रोल बोर्ड के अध्‍यक्ष के तौर पर फिर से भारत की जगजीत पवाड़‍िया को चुना

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न्‍यूयॉर्क: यूनाइटेड नेशंस (UN) ने इंटरनेशनल नारकोटिक्‍स कंट्रोल बोर्ड (INCB) के लिए फिर से भारत की जगजीत पवाड़‍िया पर भरोसा जताया है। यूएन में भारत के स्‍थायी राजदूत सैयद अकबरुद्दीन की ओर से बताया गया है कि यूएन ने फिर से पवाड़‍िया को इसका सदस्‍य चुना है। दिलचस्‍प बात है कि उन्‍होंने इस बोर्ड में आने के लिए चीन के हाओ वेई को शिकस्‍त दी है। वेई की तुलना में पवाड़‍िया को रिकॉर्ड वोट हासिल हुए थे।

मंगलवार को हुई वोटिंग

मंगलवार को यूएन की इकोनॉमिक एंड सोशल की 54 सदस्‍यों वाली काउंसिल में हुई वोटिंग में पवाड़‍िया को 44 वोट्स हासिल हुए।अब पवाड़‍िया पांच वर्ष तक पदभार संभालेंगी। काउंसिल की तरफ से 15 उम्‍मीदवसरों के नाम तय किए गए थे। चीन के वेई को रि-इलेक्‍शन में हार का सामना करना पड़ा जबकि बीजिंग की ओर से लगातार उनके पक्ष में मजबूत कैंपेन किया जा रहा था। जगजीत पवाड़िया ने दोबारा से चुने जाने पर खुशी जाहिर की है। चीन के हाओ वेई को पहले राउंड में कुल 22 वोट हासिल हुए और दूसरे राउंड में सिर्फ 19 वोट मिले। वह इस चुनाव को जीतने के लिए जरूरी 28 न्‍यूनतम वोट हासिल करने में भी असफल रहे। दूसरी ओर पवाड़िया ने पहले राउंड में ही 44 वोट हासिल कर लिए थे।

अगले वर्ष से संभालेंगी कार्यकाल

पवाड़िया के बाद पहले राउंड में सिर्फ मोरक्को और परागुए के उम्‍मीदवारों को ही 28 से ज्यादा वोट मिले। मोरक्को के जल्लाल तौफीक के पक्ष में 32 और परागुए के केसर टॉमस अर्स रिवास के पक्ष में 31 वोट पड़े। पवाड़‍िया का कार्यकाल अगले वर्ष दो मार्च 2020 से शुरू होगा और वह साल 2025 तक अपने पद पर रहेंगी। उनको पहली बार साल 2014 में आईएनसीबी के लिए चुना गया था। पवाड़‍िया साल 2016 में आईएनसीबी की उपाध्यक्ष और साल 2015 व 2017 में स्टैंडिंग कमेटी ऑन इस्टीमेट्स की अध्यक्ष भी नियुक्त हो चुकी हैं। पवाड़िया भारत की पूर्व नारकोटिक्स कमिश्नर और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की अधिकारी हैं।