Uttarakhand: पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश, मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने समीक्षा बैठक में तय की टाइमलाइन

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Dehradun Uttrakhand: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) तथा मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) की अनुवीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पलायन प्रभावित एवं सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर गैप न रहे। जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया को तेज़ किया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। साथ ही पुराने क्रियान्वयनों की समीक्षा कर योजनाओं के वास्तविक धरातली परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
टारगेटेड अप्रोच और संसाधन आधारित हस्तक्षेप पर जोर
बैठक में मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में टारगेटेड अप्रोच अपनाने और प्रभावी इंटरवेंशन सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में MPRY और MBADP संचालित हैं, वे स्वरोजगार और आजीविका के क्षेत्र में अन्य सीमांत गांवों के लिए मॉडल के रूप में विकसित किए जाएं। उन्होंने सीमांत गांवों में उपलब्ध संसाधनों और कमियों (गैप) का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसी आधार पर योजनाओं को लागू करने के निर्देश भी दिए।
वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना
बैठक में पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी ने बताया कि योजनाओं का प्रभाव दिखाई दे रहा है, हालांकि बेहतर क्रियान्वयन की अभी और आवश्यकता है। MPRY के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 12 जनपदों में 90 योजनाएं प्रस्तावित हैं। MBADP के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 5 सीमांत जनपदों के चिन्हित विकासखंडों में 155 योजनाएं प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव ने दोनों योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
योजनाओं का उद्देश्य
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) उत्तराखंड के 50% तक पलायन-प्रभावित 474 गांवों में आवासीय परिवारों, बेरोजगार युवाओं एवं रिवर्स माइग्रेंट्स को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
वहीं, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) के माध्यम से पांच सीमांत जनपदों के विकासखंडों में सतत आजीविका एवं स्वरोजगार के संसाधन विकसित कर पलायन रोकने और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, डी.एस. गब्रियाल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अनुराधा पाल, झरना कमठान, वन विभाग के हॉफ रंजन कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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