नैनीताल: उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने हरिद्वार में कुष्ठ रोगियो को गंगा के किनारे व अन्य जगहों से हटाने के के मामले में न्यायमूर्ति शुद्धांशु धुलिया व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खण्डपीठ में सुनवाई हुई। सरकार से दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई कि तिथि 5 अक्टूबर की नियत की है।
मामले के अनुसार, देहरादून की एनजीओ वेल्फेयर सोसायटी (रजिस्टर्ड एनजीओ) ट्रस्ट इट्स चीफ सेकेट्री क्रिस्चन कालोनी मेथोडिस्ट चर्च नेहरू ग्राम देहरादून ने मुख्य न्यायधीश को पत्र लिखकर कहा है कि, सरकार ने पिछले दिनों गंगा नदी के किनारो व अन्य जगहों से अतिक्रमण हटाने के दौरान कुष्ठ रोगियो को भी हटा दिया, अब इनके पास न तो घर है न रहने की कोई व्यवस्था। ये लोग बरसात के समय खुले में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। माननीय खण्डपीठ ने इसका स्वतः संज्ञान लेकर इसको जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है। आज सुनवाई के बाद खण्डपीठ ने सरकार से दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
कुष्ठ रोगियो को हटाने के मामले में सरकार से जबाव तलब
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