रुद्रप्रयाग/अरुणाचल प्रदेश; 19 जनवरी 2026: देश की रक्षा करते हुए उत्तराखंड का एक और वीर सपूत मातृभूमि पर न्योछावर हो गया। 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह ने 18 जनवरी 2026 को अरुणाचल प्रदेश के अलोंग क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त की। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।
हवलदार रविन्द्र सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद के आगर गांव (दशज्यूला क्षेत्र) के निवासी थे। वे लंबे समय से भारतीय सेना में सेवा दे रहे थे और कठिन एवं दुर्गम इलाकों में देश की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे थे। अरुणाचल प्रदेश में तैनाती के दौरान सेवा के क्रम में उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
गांव और परिवार में शोक
शहीद जवान की शहादत की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में हर आंख नम है और लोग अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं।
पार्थिव शरीर उत्तराखंड लाया जा रहा
सेना द्वारा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से अरुणाचल प्रदेश से उत्तराखंड भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 की रात पार्थिव शरीर रुद्रप्रयाग पहुंचेगा। 20 जनवरी 2026 की सुबह उनके पैतृक गांव आगर में अंतिम दर्शन के बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वीरता को नमन
हवलदार रविन्द्र सिंह की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की धरती वीरों की धरती है। उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
पूरा देश उनके साहस, समर्पण और बलिदान को नमन करता है।