Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद: उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान; अब सभी होटलों के मेन्यू में शामिल होंगे पारंपरिक व्यंजन

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हल्द्वानी/देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आम्रपाली विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित श्रीअन्न आधारित “शेफ संवाद” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के पारंपरिक व्यंजनों और श्रीअन्न (मिलेट्स) को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
​मुख्य बातें:
  • ​होटलों के लिए निर्देश: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी होटलों और रेस्टोरेंट के मेन्यू में उत्तराखंडी व्यंजनों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
  • ​शेफों के लिए साझा प्लेटफॉर्म: पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी शेफों को एक साझा मंच (अंब्रेला प्लेटफॉर्म) पर लाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करें।
  • ​शुद्धता और मानकीकरण: पारंपरिक व्यंजनों की मौलिकता बनाए रखने के लिए उनके मानकीकरण और शुद्धता पर सरकार विशेष फोकस करेगी।
  • ​युवाओं के लिए स्कॉलरशिप: सीएम धामी ने घोषणा की कि राज्य सरकार बेटियों को शेफ की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करेगी और उन्हें प्रशिक्षण हेतु विदेश भेजने की भी योजना है।
​”लोकल से ग्लोबल” का संकल्प
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का पर्यटक केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान का भी अनुभव करना चाहता है। उन्होंने शेफों को “संस्कृति का संवाहक और पर्यटन का ब्रांड एम्बेसडर” बताया। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें मिलकर उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाना होगा।
​श्रीअन्न: स्वरोजगार और सेहत का आधार
​मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत श्रीअन्न के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। मंडुवा, झंगोरा, कोदा और रामदाना जैसी फसलें न केवल पौष्टिक हैं, बल्कि ये किसानों की आय बढ़ाने और पलायन रोकने का भी सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में फूड स्टार्टअप और होम स्टे के माध्यम से युवाओं के लिए स्वरोजगार की असीम संभावनाएं हैं।
​पलायन पर प्रहार
​पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने खुशी जताई कि हाल के वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत युवा उत्तराखंड वापस लौटे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने।
​विशिष्ट उपस्थिति
​इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, आम्रपाली विश्वविद्यालय के संजय मिश्रा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित शेफ, होटल विशेषज्ञ और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की कॉफी टेबल बुक ‘रूट्स ऑफ द रिज’ का भी विमोचन किया गया।

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