देहरादून: उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक कल्याण, संस्कृति संरक्षण और व्यापार सुगमता से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों से आम जनता, उद्योगों, किसानों, चिकित्सकों और कलाकारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
1. नैचुरल गैस पर VAT में बड़ी राहत
राज्य में हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएनजी और सीएनजी पर वैट की दर 20% से घटाकर 5% कर दी गई है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उद्योगों में निवेश और कर-संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
2. आपदा प्रभावित सेब उत्पादकों को राहत
उत्तरकाशी के धराली एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित सेब उत्पादकों से रॉयल डिलीशियस सेब ₹51 प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस एवं अन्य सेब ₹45 प्रति किलोग्राम (ग्रेड-सी को छोड़कर) की दर से उपार्जन किया जाएगा। यह राशि मुख्यमंत्री घोषणा मद से वहन की जाएगी।
3. वृद्ध कलाकारों और लेखकों की पेंशन दोगुनी
संस्कृति संरक्षण को प्रोत्साहन देते हुए वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 कर दी गई है। इसके लिए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 को मंजूरी दी गई।
4. भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में सरलीकरण
Ease of Doing Business के तहत निम्न जोखिम वाले भवनों (जैसे सिंगल रेसिडेंशियल हाउस, छोटे व्यवसायिक भवन) के नक्शे अब Empanelled Architect द्वारा स्वप्रमाणित कर पास कराए जा सकेंगे, जिससे समय और प्रक्रिया दोनों में राहत मिलेगी।
5. औद्योगिक विकास नियमावली में संशोधन
उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 को मंजूरी दी गई। इसके तहत MSME और इंडस्ट्री यूनिट्स के ग्राउंड कवरेज को बढ़ाया गया, जिससे उद्योगों पर कंप्लायंस बोझ कम होगा।
6. बांस एवं रेशा विकास परिषद का पुनर्गठन
परियोजनाओं को अधिक व्यावसायिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए परिषद के 13 स्थायी पदों के संगठनात्मक ढांचे में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
7. वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन लाभ
सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों की सेवा अवधि को पेंशन हेतु आगणित किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
8. आयुष्मान भारत योजना में बड़ा बदलाव
राज्य में आयुष्मान एवं अटल आयुष्मान योजना को 100% इंश्योरेंस मोड में संचालित किया जाएगा, जबकि गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में रहेगा।
₹5 लाख तक के क्लेम: इंश्योरेंस मोड
₹5 लाख से अधिक: ट्रस्ट मोड
राज्य सरकार ₹125 करोड़ के बकाया क्लेम का वहन करेगी।

